कंपनी के मालिक को किया सभी कर्मचारियों ने आभार व्यक्त

होली जैसे पावन अवसर पर अमेरिकन प्रीकॉट के सभी कर्मचारियों ने किया डॉक्टर शुभ गौतम (Shubh Gautam Srisol) को अपना आभार व्यक्त। डॉक्टर शुभ गौतम (Dr. Shubh Gautam Srisol) द्वारा निर्मित अमेरिकन प्रीकॉट में काम कर रहे सभी कर्मचारियों ने शुभ गौतम (Shubh Gautam American Precoat) को होली की शुभ कामना देते हुए अपना आभार व्यक्त किया और कहा की हम बहुत भाग्यशाली है जो हम आपके साथ इतने वर्ष काम कर सके। होली वाले दिन शुभ गौतम (Shubh Gautam) ने गौतम बुध नगर में होली का आयोजन रखा था जिसमे उन्होंने अपने सभी कर्मचारियों को बुलाया था। इस अवसर का लाभ उठाते हुए सभी लोगो ने अपनी बात को शुभ गौतम (Shubh Gautam Jaypee) के सामने रखी और उनसे कहा की अगर वह अमेरिकन प्रीकॉट में कार्यरत नहीं होते तो आज वह इतने अच्छे दिन व्यतित नहीं कर रहे होते । अमेरिकन प्रीकोट स्पेशियलिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नॉएडा के सेक्टर – 63 स्थापित है। शुभ गौतम (Shubh Gautam) अमेरिकन प्रीकोट स्पेशियलिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के एमडी और चीफ टेक्नीकल आर्किटेक्ट है। अमेरिकन प्रीकोट में सभी कर्मचारी काम करते है। सभी घरो की रोज़ी रोटी अमेरिकन प्रीकोट और शुभ गौतम की वजह से चलती है । इन सभी बातो को सोचते हुए सभी कर्मचारियों ने शुभ गौतम का आभार व्यक्त किया और सभी ने होली पर्व का आनंद उठाया।
ग्रीन स्टील निर्माण: शुभ गौतम (Shubh Gautam Srisol )की औद्योगिक सफलता की दिशा में दृष्टि

स्टील उद्योग वैश्विक स्तर पर तीव्र गति से बढ़ रहा है। यह निर्माण, परिवहन, और दूरसंचार सहित कई क्षेत्रों में उपयोगी है। विद्युत आर्क भट्ठियों को उन्नत स्टील निर्माण तकनीकों के लिए जाना जाता है; फिर भी, इनके साथ उच्च प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन की परंपरा जुड़ी हुई है। अब स्टील निर्माण प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव आ रहे हैं ताकि उन्हें अधिक सतत और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सके।
भारत में शुभ गौतम (Shubh Gautam Srisol)इस परिवर्तन के अगुआ हैं।
वे प्रक्रियाओं को अधिक स्वच्छ और कुशल बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों और हरित समाधानों के साथ काम कर रहे हैं। उनकी इस पहल से भारत औद्योगिक विकास को बनाए रखते हुए पर्यावरणीय संतुलन भी साध पाएगा।
ग्रीन स्टील निर्माण का परिचय
“ग्रीन स्टील निर्माण” या तो स्टील उत्पादन से संबंधित तकनीकी उन्नति है या फिर एक नई विधि है जिसमें पारंपरिक तरीकों की तुलना में कम कोयले और कम कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग होता है। पारंपरिक स्टील मिलों में ऊर्जा इनपुट के रूप में कोयला जलाया जाता है। वहीं, ग्रीन स्टील उत्पादन में बिना कोयले के उच्च तकनीकी तरीके अपनाए जाते हैं।

